🌳 शनिवार पीपल पूजा — पितृ शांति और शनि कृपा

पीपल को "वट-अश्वत्थ" कहा जाता है — ब्रह्मा (जड़), विष्णु (तना) और शिव (पत्तियां) का वास। शनिवार को इसकी पूजा से पितृ दोष और शनि दोष दोनों दूर होते हैं।

🔱 पीपल और शनि का संबंध

🌱 पीपल में पितृ देवता का वास
🌱 शनि और अश्वत्थ में विशेष संबंध — शनि की दृष्टि शनिवार को पीपल पर
🌱 शनिश्चरी अमावस्या पर पीपल पूजा महाफलदायी
🌱 पीपल पर काले तिल-जल देना शनि तर्पण के समान

⏰ पूजा विधि — चरण दर चरण

प्रातः 6 बजेस्नान कर काले या नीले वस्त्र पहनें। पीपल की पूर्व दिशा में खड़े हों।
6:10पीपल की जड़ में जल, दूध और काले तिल से अर्पण करें।
6:20सरसों के तेल का दीपक जलाएं और पीपल के नीचे रखें।
6:25ऊपर दिया गया पितृ-शनि मंत्र 3 या 11 बार पढ़ें।
6:357 बार (या 11/21 बार) परिक्रमा करें — जल का पतली धार डालते हुए।
6:50कौवों या काले पक्षियों को काले तिल मिला चावल दें।

🕉️ पितृ-शनि पीपल मंत्र

ॐ वट-वृक्षाय नमः।
ॐ अश्वत्थाय नमः।
पितृ देवताभ्यो नमः।
ॐ शं शनैश्चराय नमः।
अश्वत्थे वो निषदनं पर्णे वो वसतिष्कृता।
गोभाज इत्किलासथ यत्सनवथ पूरुषम्॥

🛕 पीपल पूजा सामग्री

0/6
  • सरसों का तेल / Mustard oil
    दीपक के लिए
  • काले तिल / Black sesame
    जल + चावल में मिलाएं
  • जल का लोटा / Water pot
    परिक्रमा के दौरान
  • दूध / Milk
    जड़ में अर्पण
  • दीपक / Oil lamp
    मिट्टी का दीया
  • धूप / Incense
    अगरबत्ती

❌ इन कार्यों से बचें

शनिवार को पीपल की पत्तियां न तोड़ें
रात में पीपल के नीचे न बैठें
पीपल को कभी न काटें
अशुद्ध मन से पूजा न करें
चप्पल पहनकर परिक्रमा न करें

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