🔶 शनि यंत्र पूजा — शनिवार स्थापना और सक्रियकरण विधि

शनि यंत्र को घर में स्थापित करना शनि दोष का सबसे प्रभावशाली स्थायी उपाय है। शनिवार को सही विधि से स्थापित यंत्र वर्षों तक सुरक्षा देता है।

🛒 आवश्यक सामग्री

सामग्रीविवरण
शनि यंत्रलोहे, अष्ट-धातु या काले पत्थर में बना
सरसों का तेलअभिषेक और दीपक के लिए
काले तिलअर्पण के लिए
नील फूल या अपराजिताशनि देव को प्रिय
उड़द दालभोग के लिए
काला कपड़ायंत्र के नीचे बिछाने के लिए

✅ 7-चरण सक्रियकरण विधि

शनि यंत्र सक्रियकरण चेकलिस्ट

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  • शनिवार ब्रह्म मुहूर्त (05:00 – 06:30) में स्नान करें
  • पश्चिम दिशा में काला कपड़ा बिछाकर यंत्र स्थापित करें
  • सरसों तेल से यंत्र का अभिषेक करें
  • काले तिल, नील फूल और उड़द दाल अर्पित करें
  • शनि बीज मंत्र 108 बार जाप करें: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
  • सरसों तेल का दीपक जलाएं और आरती करें
  • प्रतिदिन यंत्र के सामने दीपक जलाएं

🔱 सक्रियकरण मंत्र

शनि यंत्र सक्रियकरण मंत्र:
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः ॥

शनि स्थापना मंत्र:
नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छायामार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥

✨ शनि यंत्र के 6 लाभ

1. साढ़े साती और ढैय्या के कष्टों में तीव्र राहत
2. करियर और व्यापार में स्थिरता
3. शनि की महादशा-अंतरदशा में सुरक्षा
4. कानूनी विवादों और ऋण से मुक्ति
5. घर में शनि दोष का शमन
6. नौकरी में पदोन्नति और आर्थिक सुधार

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