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🙏 पितृ पक्ष 2026 — श्राद्ध तिथि पट्टिका
⚡ त्वरित तथ्य
- पितृ पक्ष 2026: 7 सितम्बर – 21 सितम्बर 2026
- महालया अमावस्या: 21 सितम्बर 2026 (सर्वपितृ श्राद्ध)
- प्रमुख अनुष्ठान: तर्पण, पिंड दान, ब्राह्मण भोजन
- पवित्र स्थान: गया (बिहार), प्रयागराज, वाराणसी
📅 श्राद्ध तिथि पट्टिका 2026
7 सितम्बर (रवि)पूर्णिमापूर्णिमा को मृत पितरों का श्राद्ध
8 सितम्बर (सोम)प्रतिपदाप्रतिपदा को मृत पितर
9 सितम्बर (मंगल)द्वितीयाद्वितीया को मृत पितर
10 सितम्बर (बुध)तृतीयातृतीया को मृत + माँ का श्राद्ध
11 सितम्बर (गुरु)चतुर्थीचतुर्थी को मृत पितर
12 सितम्बर (शुक्र)पंचमीपंचमी को मृत पितर + सुहागिन स्त्रियों का श्राद्ध
13 सितम्बर (शनि)षष्ठीषष्ठी को मृत पितर
14 सितम्बर (रवि)सप्तमीसप्तमी को मृत पितर
15 सितम्बर (सोम)अष्टमीअष्टमी को मृत पितर
16 सितम्बर (मंगल)नवमीनवमी — माँ और पत्नी के लिए विशेष श्राद्ध
17 सितम्बर (बुध)दशमीदशमी को मृत पितर
18 सितम्बर (गुरु)एकादशीएकादशी को मृत पितर + संन्यासियों का श्राद्ध
19 सितम्बर (शुक्र)द्वादशीद्वादशी को मृत पितर
20 सितम्बर (शनि)त्रयोदशीत्रयोदशी — बच्चों एवं युवाओं का श्राद्ध
21 सितम्बर (रवि)चतुर्दशीचतुर्दशी — अकाल मृत्यु और युद्ध में मृत पितरों का श्राद्ध
21 सितम्बर (रवि)महालया अमावस्या ⭐⭐ सर्वपितृ अमावस्या — सभी पितरों का श्राद्ध एक साथ
💧 तर्पण विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र (सफेद या पीले) धारण करें
- दक्षिण दिशा में मुख करके बैठें (पितरों की दिशा)
- तांबे के पात्र में जल, काला तिल, जौ और कुशा घास मिलाएं
- अंजलि में जल लेकर "ॐ [पितृ नाम] तृप्यतु, इदं तर्पणम्" बोलें
- पिता, पितामह, प्रपितामह के लिए क्रमशः तर्पण करें
- माता, मातामही के लिए भी तर्पण करें
🌾 पिंड दान — सर्वोत्तम स्थान
🏛️ गया (बिहार)
पितृ तीर्थों में सर्वश्रेष्ठ। विष्णुपद मंदिर में पिंड दान से पितरों को मोक्ष।
🌊 प्रयागराज (संगम)
गंगा-यमुना-सरस्वती त्रिवेणी संगम पर तर्पण सहस्र गुना फलदायी।
🔱 वाराणसी
मणिकर्णिका घाट और पिशाचमोचन तीर्थ — काशी में श्राद्ध विशेष फलदायक।