मंगलवार व्रत — उपवास नियम, पूजा विधि और कथा
मंगलवार व्रत हनुमान जी को समर्पित है। यह व्रत शक्ति, साहस, शत्रुओं से रक्षा और मंगल ग्रह के दोषों के निवारण के लिए किया जाता है। 21 मंगलवार का व्रत सबसे प्रभावशाली माना जाता है।
🍽️ उपवास में क्या खा सकते हैं?
🚫 इनसे परहेज करें:
- माँस, मछली, अंडे — पूर्ण वर्जित
- अनाज (गेहूँ, चावल, दाल)
- तामसी भोजन — प्याज, लहसुन
- मदिरा / शराब
🪔 8-चरण पूजा विधि
📖 मंगलवार व्रत कथा
प्राचीन काल में एक ब्राह्मण परिवार था जो अत्यंत दरिद्र था। परिवार की स्त्री नित्य मंगलवार को हनुमान जी का व्रत करती थी। एक दिन उसके पड़ोसिन ने उसका उपहास किया और कहा कि इस व्रत से क्या मिलेगा।
उसी रात हनुमान जी ने स्वयं उस स्त्री के स्वप्न में आकर कहा — "तुम्हारी भक्ति देखकर मुझे प्रसन्नता हुई। तुम्हारे घर में कल से सुख और समृद्धि आएगी।" अगले दिन उस परिवार को अचानक एक खजाना मिला और उनकी सारी विपदाएँ दूर हो गईं।
व्रत की महिमा सुनकर पड़ोसिन को पछतावा हुआ और उसने भी व्रत का संकल्प लिया। तब से यह कथा प्रचलित है — जो इस कथा को श्रद्धापूर्वक सुनता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
☑️ मंगलवार पूजा सामग्री
☑ मंगलवार पूजा सामग्री
0/7- लाल सिंदूरहनुमान जी को चोला
- लाल फूल (गुलाब/गेंदा)21 फूल
- बेसन के लड्डू5 या 11
- गुड़ + चनाभोग के लिए
- घी का दीपकव्रत भर जलाएँ
- अगरबत्ती / धूपचंपा या गुलाब
- गंगाजलशुद्धिकरण के लिए