व्रत उद्यापन
बृहस्पतिवार व्रत उद्यापन विधि
16 गुरुवार व्रत का सही और पूर्ण समापन
उद्यापन के नियम
- ✦उद्यापन वही करें जिन्होंने पूरे 16 गुरुवार व्रत रखे हों
- ✦उद्यापन गुरुवार को ही करें, शुक्ल पक्ष में करना और भी शुभ
- ✦व्रत के दिन पीला भोजन करें — केला, चने की दाल, हलुआ
- ✦उद्यापन वाले दिन ब्राह्मण को अनिवार्य रूप से भोजन कराएं
- ✦परिवार के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें
☑ उद्यापन सामग्री सूची
0/8- पीला कपड़ा — 1 गजपूजा स्थान के लिए
- केले का पत्ता (या थाली)प्रसाद रखने के लिए
- पीले फूल — गेंदाविष्णु और बृहस्पति को अर्पण
- चना दाल — 2 कपहलुआ और दान के लिए
- गुड़ और घीहलुआ बनाने के लिए
- हल्दी और कुमकुमपूजा सामग्री
- पांच प्रकार के फलपंचफल अर्पण
- दक्षिणा — ब्राह्मण के लिएदान हेतु
उद्यापन की क्रमबद्ध विधि
1प्रातःकाल स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें
2पूजा स्थान पर पीले कपड़े पर भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की स्थापना करें
3षोडशोपचार पूजा करें — धूप, दीप, फूल, नैवेद्य
4बृहस्पतिवार व्रत कथा का पाठ करें
5ॐ बृं बृहस्पतये नमः का 108 बार जाप करें
6चना दाल और गुड़ का हलुआ बनाकर नैवेद्य लगाएं
7केले और पीली मिठाई का भोग लगाएं
8योग्य ब्राह्मण को भोजन कराएं और दक्षिणा + पीला वस्त्र दान दें
9परिवार में प्रसाद वितरित करें
10पूजा के बाद उद्यापन संकल्प का समापन मंत्र पढ़ें