🙏 सूर्य नमस्कार — 12 मंत्र और 12 आसन
सूर्य नमस्कार केवल व्यायाम नहीं — यह सूर्यदेव के 12 रूपों की उपासना है। रविवार को करने से विशेष फल।
| # | आसन | मंत्र | अर्थ |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रणामासन | ॐ मित्राय नमः | मित्र — सबके मित्र |
| 2 | हस्त उत्तानासन | ॐ रवये नमः | रवि — तेजस्वी |
| 3 | हस्तपादासन | ॐ सूर्याय नमः | सूर्य — ऊर्जा का स्रोत |
| 4 | अश्व संचालनासन | ॐ भानवे नमः | भानु — प्रकाशमान |
| 5 | दंडासन | ॐ खगाय नमः | खग — आकाश में विचरण |
| 6 | अष्टांग नमस्कार | ॐ पूष्णे नमः | पूषन् — पोषक |
| 7 | भुजंगासन | ॐ हिरण्यगर्भाय नमः | हिरण्यगर्भ — स्वर्णिम गर्भ |
| 8 | पर्वतासन | ॐ मरीचये नमः | मरीचि — किरणों के स्वामी |
| 9 | अश्व संचालनासन | ॐ आदित्याय नमः | आदित्य — अदिति पुत्र |
| 10 | हस्तपादासन | ॐ सवित्रे नमः | सवितृ — उत्पत्ति के कारक |
| 11 | हस्त उत्तानासन | ॐ अर्काय नमः | अर्क — आराध्य |
| 12 | प्रणामासन | ॐ भास्कराय नमः | भास्कर — प्रकाश के दाता |
☀️ रविवार को सूर्य नमस्कार — विशेष नियम
- • सूर्योदय के समय — पूर्व दिशा की ओर मुख करके।
- • 12 चक्र न्यूनतम — 108 चक्र सर्वश्रेष्ठ।
- • लाल वस्त्र पहनें — सूर्य का रंग।
- • पहले अर्घ्य, फिर सूर्य नमस्कार।