🪔 21 शनिवार दीपम — शनि जयंती 2026 तक
⚡ 26 अप्रैल → 16 मई 2026 = तीन शनिवार + जयंती — दुर्लभ चतुर्थ-शनि चक्र
शनि जयंती (16 मई) से पहले के तीन शनिवार (26 अप्रैल / 2 मई / 9 मई) — इन पर दीपम शुरू करके 16 मई को पूर्णाहुति करें।
📅 शनिवार तालिका — क्या करें
| # | तारीख | कार्य | मंत्र/दान | स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 26 अप्रैल 2026 | पहला दीपक जलाएं — संकल्प लें | ॐ शं शनैश्चराय नमः (11 बार) | अभी शुरू करें |
| 2 | 2 मई 2026 | दूसरा दीपक — तेल दोगुना | 108 बार मंत्र + तिल अर्पण | आने वाला |
| 3 | 9 मई 2026 | तीसरा दीपक — लोहे की वस्तु अर्पण | 108 बार + काला कपड़ा दान | आने वाला |
| 4 | 16 मई 2026 🔥 | शनि जयंती — समापन | 1008 बार + हवन + दान | परिणाम |
📋 प्रत्येक शनिवार की दीपम विधि
सूर्योदय से पहले उठें
काले तिल मिले जल से स्नान करें।
शनि मूर्ति / शिला के सामने
मिट्टी के दीपक में सरसों तेल भरें।
दीपक जलाएं
"ॐ शं शनैश्चराय नमः" बोलते हुए ज्योत करें।
मंत्र जप
108 बार जप करें — एक माला (काले रंग की)।
तिल अर्पण
एक मुट्ठी काले तिल शनि के चरणों में।
दीप जलता रहे
कम से कम 20 मिनट — बुझाएं नहीं।
☑ दीपम सामग्री सूची
0/7- मिट्टी का दीपकअखंड — टूटा नहीं
- सरसों तेल50 मिली प्रति शनिवार
- काले तिलएक मुट्ठी प्रति शनिवार
- काला कपड़ाशनि जयंती पर दान
- लोहे की वस्तुछोटी — अर्पण
- उड़द दालदान के लिए
- काली माला108 मनकों की — जप के लिए