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🔴 दोष निवारण — मांगलिक व कालसर्प दोष
🔴 मांगलिक दोष
जब मंगल ग्रह जन्म कुंडली के 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो तो मांगलिक दोष माना जाता है। इससे विवाह में विलम्ब या कठिनाई हो सकती है।
उपाय:
- मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान मंदिर जाएं।
- मूंगा (लाल प्रवाल) रत्न धारण करें।
- मंगल देव का यंत्र स्थापित करें।
- कुम्भ विवाह या अश्वत्थ विवाह संस्कार करें।
- मंगलवार को व्रत रखें और लाल चीजें दान करें।
🐍 कालसर्प दोष
जब जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तो कालसर्प दोष बनता है। इससे जीवन में रुकावटें और संघर्ष होता है।
उपाय:
- महाकालेश्वर (उज्जैन) या त्र्यम्बकेश्वर (नासिक) में कालसर्प शांति पूजा करवाएं।
- नागपंचमी पर नाग देवता की पूजा करें।
- रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप करवाएं।
- गोमेद (हेसोनाइट) रत्न धारण करें।
12 राशियों में मांगलिक दोष
🐏 मेष: मेष राशि का स्वामी मंगल है, इसलिए मांगलिक दोष का प्रभाव स्वाभाविक रूप से कम होता है। परंतु यदि मंगल सप्तम या अष्टम भाव में हो तो उपाय आवश्यक हैं।
🐂 वृषभ: शुक्र ग्रह की वृषभ राशि में मंगल सप्तम भाव में हो तो विवाह में बाधा हो सकती है। हीरा या ओपल संतुलन बना सकता है।
👯 मिथुन: बुध ग्रह की मिथुन राशि में मांगलिक दोष से रिश्तों में संवाद की समस्या हो सकती है। पन्ना रत्न सहायक हो सकता है।
🦀 कर्क: चंद्र ग्रह की कर्क राशि भावुक होती है। मांगलिक दोष से घरेलू अशांति हो सकती है। मोती रत्न शांति लाता है।
🦁 सिंह: सूर्य की सिंह राशि में मांगलिक दोष से वैवाहिक जीवन में अहम् टकराव हो सकता है। माणिक्य रत्न सूर्य को बलवान करता है।
👧 कन्या: बुध की कन्या राशि में मांगलिक दोष से रिश्तों में अधिक विश्लेषण की प्रवृत्ति हो सकती है। पन्ना बुध ऊर्जा संतुलित करता है।
⚖️ तुला: शुक्र की तुला राशि में मांगलिक दोष से साझेदारी में असंतुलन हो सकता है। हीरा या सफ़ेद पुखराज ऊर्जा संतुलित करता है।
🦂 वृश्चिक: वृश्चिक राशि का सह-स्वामी मंगल है, इसलिए मांगलिक दोष विशेष रूप से प्रभावशाली होता है। तांबे की अंगूठी में मूंगा प्राथमिक उपाय है।
🏹 धनु: बृहस्पति की धनु राशि को गुरु की शुभ प्रकृति से मांगलिक दोष से स्वाभाविक सुरक्षा मिलती है। पुखराज बृहस्पति को बलवान करता है।
🐐 मकर: शनि की मकर राशि में मांगलिक दोष से विवाह में विलंब हो सकता है। नीलम और मूंगा का संयोजन सहायक हो सकता है।
🏺 कुम्भ: शनि की कुम्भ राशि में मांगलिक दोष से रिश्तों में अपारंपरिक प्रवृत्ति हो सकती है। अमेथिस्ट मंगल-शनि तनाव शांत कर सकता है।
🐟 मीन: बृहस्पति की मीन राशि मांगलिक दोष के सबसे बुरे प्रभावों से स्वाभाविक रूप से सुरक्षित है। पुखराज गुरु के सुरक्षात्मक प्रभाव को बढ़ाता है।