🪔 तांबा लोटा सूर्य अर्घ्य — सही विधि और नियम

तांबा सूर्य का धातु है — तांबे के लोटे से अर्घ्य देने पर सूर्य की ऊर्जा सीधे जल में प्रवाहित होती है। सही विधि जानें।

📋 त्वरित संदर्भ — क्या, कैसे, कब

पहलूविवरण
पात्रतांबे का लोटा (कांसा नहीं)
जलस्वच्छ जल, कच्चा या गंगाजल
मिलाएंलाल फूल, रोली, अक्षत
समयसूर्योदय से 1 घंटे के भीतर
दिशापूर्व दिशा, सूर्य की ओर
रविवार विशेष3 बार अर्घ्य दें, 3 परिक्रमा करें

✅ 6-चरण अर्घ्य विधि

तांबा लोटा अर्घ्य चेकलिस्ट

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  • रविवार ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें (04:30–06:00)
    शरीर और मन की शुद्धि आवश्यक
  • तांबे का लोटा साफ जल से धोएं
    कांसे या पीतल का उपयोग न करें
  • लोटे में जल + लाल फूल + रोली + अक्षत मिलाएं
    मात्रा: 250–500 ml जल
  • पूर्व दिशा में खड़े होकर सूर्य की ओर मुंह करें
    नंगे पैर जमीन पर खड़े हों
  • लोटे को दोनों हाथों से ऊपर उठाएं, पतली धारा से जल गिराएं
    जल धारा में सूर्य का प्रतिबिंब देखें
  • अर्घ्य देते समय सूर्य गायत्री मंत्र पढ़ें
    ॐ भास्कराय विद्महे महातेजाय धीमहि

🔱 अर्घ्य मंत्र

ॐ भास्कराय विद्महे
महातेजाय धीमहि
तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्।

ॐ सूर्याय नमः। ॐ आदित्याय नमः।
ॐ नमो भगवते श्री सूर्याय नमः।

⚠️ क्या करें और क्या न करें

✅ करें
नंगे पैर जमीन पर खड़े हों
जल धारा में सूर्य देखें
प्रतिदिन नियम से करें
तांबा लोटा रोज साफ करें
❌ न करें
प्लास्टिक या स्टील का उपयोग
अर्घ्य के बाद जूते पहनना
सूर्यास्त के बाद अर्घ्य
मासिक धर्म में अर्घ्य
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