अक्षय तृतीया26 अप्रैल 2026
☀️ अक्षय तृतीया के बाद रविवार सूर्य पूजा — नई खरीद और शुरुआत सक्रिय करें
अक्षय तृतीया की ऊर्जा 7 दिन जीवित रहती है। रविवार को सूर्य पूजा करके उस ऊर्जा को स्थायी रूप से अपनी नई वस्तुओं और योजनाओं में स्थापित करें।
⭐ अक्षय तृतीया + रविवार = दोहरी शक्ति
अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026) पर जो भी खरीदा, शुरू किया या निवेश किया — उसकी ऊर्जा 7 दिन तक सक्रिय रहती है। 26 अप्रैल 2026 के रविवार को सूर्य पूजा करने से यह ऊर्जा स्थायी रूप से उस वस्तु या कार्य में स्थापित हो जाती है। सूर्य देव ही अक्षय तृतीया के स्वामी हैं — उनकी पूजा से "अक्षय" (कभी न क्षीण होने वाला) फल सुनिश्चित होता है।
🛕 क्या-क्या सक्रिय करें
1
सोना / चांदी
पूजा स्थान पर रखें, सूर्य पूजा करें, अर्घ्य दें
2
नया वाहन
गाड़ी की छत पर सूर्य का चित्र या OM स्टिकर लगाएं
3
नई संपत्ति / भूमि
भूमि की ओर जल अर्पित करें, मंत्र जाप करें
4
नया व्यापार / कंपनी
कार्यालय में सूर्य यंत्र स्थापित करें
5
नया बैंक खाता / निवेश
पासबुक या दस्तावेज पूजा में रखें
🕉️ पूजा में उपयोग करें ये मंत्र
ॐ घृणि सूर्याय नमः
मुख्य अर्घ्य मंत्र — जल चढ़ाते समय
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
सूर्य बीज मंत्र — 108 बार जाप
ॐ आदित्याय नमः
नई वस्तु स्पर्श करते समय, 11 बार
✅ पूजा विधि — 5 चरण
☑ अक्षय तृतीया सूर्य पूजा चेकलिस्ट
0/5- सुबह 6-7 बजे के बीच — सूर्योदय पूजा का शुभ समयपूर्व दिशा में मुख करके बैठें
- अक्षय तृतीया पर खरीदी वस्तुएं पूजा स्थान पर रखेंसोना, दस्तावेज, या जो भी खरीदा हो
- तांबे के पात्र में जल, लाल फूल, रोली डालें और अर्घ्य देंॐ घृणि सूर्याय नमः — 3 बार
- सूर्य बीज मंत्र 108 बार जाप करें
- वस्तुओं पर तिलक लगाएं, प्रसाद अर्पित करेंगेहूं, गुड़ या लाल फूल चढ़ाएं