🕉️ शनि त्रयोदशी — 27 जून 2026

शनिवार प्रदोष — ऋण मुक्ति का सर्वश्रेष्ठ दिन। शिव + शनि की युगल पूजा।

🪐 शनि शिव के शिष्य क्यों हैं?

शास्त्रों के अनुसार शनि माँ छाया के गर्भ में रहते हुए भगवान शिव की तपस्या करते थे। जन्म लेते ही शनि को शिव का आशीर्वाद मिला। प्रदोष काल — जो शिव का प्रिय समय है — वही शनि की सबसे प्रभावी पूजा का भी काल है। इसलिए शनिवार के प्रदोष पर दोनों की पूजा 100 गुना फलदायी।

⏰ मुहूर्त — 27 जून 2026 IST

मुहूर्तसमयगुणवत्ता
प्रदोष मुहूर्त27 जून 2026, 7:15 PM – 9:30 PMसर्वोत्तम
निशिता काल27 जून 2026, 11:52 PM – 12:44 AMउत्तम
त्रयोदशी तिथि27 जून 2026, 5:45 AM – 28 जून 3:40 AMविशेष

ऋण मुक्ति मंत्र — 21 बार जपें

ॐ ऋणं छिन्धि शनैश्चर।
ॐ नमो भगवते रुद्राय।

शिव-शनि युगल मंत्र

ॐ नमः शिवाय। ॐ शं शनैश्चराय नमः।
शनिश्चराय विद्महे छायापुत्राय धीमहि।
तन्नो मन्दः प्रचोदयात्॥

📋 5-चरण पूजा विधि

1

स्नान और तैयारी

शाम 5–6 PM

काले तिल मिले जल से स्नान। काले/नीले वस्त्र। दोनों मंत्र मन में जपें।

2

हनुमान वंदना

शाम 6:30 PM

शनि पूजा से पहले हनुमान जी का आशीर्वाद — सिंदूर + घी + 1 हनुमान चालीसा।

3

शिव अभिषेक

प्रदोष मुहूर्त 7:15 PM

जलाभिषेक + दूध + बेलपत्र। "ॐ नमः शिवाय" 108 बार। शनि शिव के शिष्य हैं — शिव प्रसन्न तो शनि अनुकूल।

4

शनि अभिषेक

प्रदोष मुहूर्त 8:00 PM

सरसों तेल धारा + काले तिल + लोहे का दीया। ऋण मुक्ति मंत्र 21 बार।

5

दान + आरती

रात्रि 9:00 PM

काली उड़द दाल + सरसों तेल दान। शनि आरती + प्रदोष व्रत कथा श्रवण।

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