🪔 सूर्य पूजा में तांबे का कलश — 6 अद्भुत लाभ
वेदों में तांबे को "तामर" कहा गया — सूर्य की धातु। आयुर्वेद में यह त्रिदोषनाशक है। आधुनिक विज्ञान ने भी तांबे के जीवाणुनाशक गुण प्रमाणित किए हैं।
⚗️ तांबे के 6 वैज्ञानिक लाभ
✅ क्या करें / क्या न करें
✅ दैनिक तांबे के पात्र की चेकलिस्ट
☑ तांबे के पात्र की दिनचर्या
0/5- रात भर तांबे के पात्र में जल रखेंढककर, साफ जगह पर
- सूर्योदय पर इसी पात्र से अर्घ्य दें
- बचे जल को 3 घंटे में पिएं6 से 9 बजे के बीच सबसे शुभ
- सप्ताह में एक बार नींबू-नमक से पात्र साफ करें
- पूजा के बाद तांबे का पात्र धोकर ढककर रखें