🪔 शनिवार पीपल चौमुखी दीपक विधि

सूर्यास्त के बाद चार दिशाओं में दीपक — पितृ शांति और शनि कृपा

चार दिशाओं का महत्व

पश्चिम

शनि देव

शनि दोष निवारण, साढ़े साती राहत

दक्षिण

पितृ देव

पितृ शांति, श्राद्ध तर्पण

पूर्व

सूर्य देव

स्वास्थ्य, ऊर्जा, सफलता

उत्तर

कुबेर देव

धन, समृद्धि, आर्थिक स्थिरता

पूजा सामग्री चेकलिस्ट

पीपल पूजा सामग्री

0/7
  • मिट्टी का चौमुखी दीपक
    4 मुख वाला
  • सरसों का तेल
    100ml पर्याप्त
  • रुई की 4 बातियाँ
  • काले तिल (तर्पण के लिए)
    2 चम्मच
  • जल (कलश में)
    तर्पण के लिए
  • अगरबत्ती (काली / चंदन)
  • काले तिल के लड्डू (प्रसाद)

6-चरण पूजा विधि

1

स्नान और संकल्प

शनिवार को सूर्यास्त से 30 मिनट पहले स्नान करें। "पितृ शांति और शनि प्रसन्नता के लिए पीपल पूजा का संकल्प लेता/लेती हूँ।"

2

पीपल पहुँचें

नजदीकी पीपल के पेड़ के पास जाएं। पेड़ को जल चढ़ाएं — "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" बोलते हुए।

3

चौमुखी दीपक तैयार

मिट्टी के चौमुखी दीपक में सरसों का तेल भरें। चार रुई की बाती — चारों दिशाओं में।

4

दीपक प्रज्वलन

सूर्यास्त के बाद दीपक जलाएं। पहले पश्चिम बाती (शनि), फिर दक्षिण (पितृ), पूर्व (सूर्य), उत्तर (कुबेर)।

5

परिक्रमा और मंत्र

पीपल की 7 परिक्रमा करें — "ॐ शं शनैश्चराय नमः" बोलते हुए। हर परिक्रमा में पेड़ को स्पर्श करें।

6

पितृ तर्पण

काले तिल का जल लें। "मम पूर्वजेभ्यः स्वधा नमः" बोलते हुए पीपल की जड़ में डालें।

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