शुक्रवार अनुष्ठान

तुलसी पूजा — धन संरक्षण

शुक्रवार शाम को तुलसी के पास दीपक जलाएं — माँ लक्ष्मी की कृपा

🌿 अक्षय तृतीया विशेष

अक्षय तृतीया के बाद पहले शुक्रवार को यह अनुष्ठान करें — इससे त्योहार पर अर्जित धन "अक्षय" (शाश्वत) होता है।

तुलसी पूजा विधि — समय सहित

1

संध्याकाल प्रारंभ

5:30 PM

शाम 5:30 बजे (सूर्यास्त से पहले) तुलसी के पास जाएं।

2

शुद्धिकरण

5:35 PM

तुलसी के पौधे के आसपास का स्थान साफ करें। गुलाब जल छिड़कें।

3

जल अर्पण

5:40 PM

तुलसी को शुद्ध जल दें। "श्रीतुलसी नमस्तुभ्यं" मंत्र बोलें।

4

श्रृंगार

5:45 PM

तुलसी पर लाल चुनरी और कुमकुम लगाएं। चमेली या गुलाब का फूल रखें।

5

घी का दीपक

6:00 PM

प्रदोष काल (6–7:30 PM) में घी का दीपक जलाएं। दीपक पूर्व दिशा में रखें।

6

मंत्र जाप

6:05 PM

"ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" या तुलसी स्तोत्र 11 बार पढ़ें।

7

परिक्रमा

6:15 PM

तुलसी की 3 या 5 परिक्रमा करें — बायीं से दाईं ओर।

8

प्रसाद

6:20 PM

मिठाई या फल प्रसाद के रूप में तुलसी के पास रखें। बाद में परिवार को दें।

तुलसी पूजा के लाभ

  • घर में अर्जित धन की सुरक्षा होती है
  • अलक्ष्मी (दरिद्रता) दूर होती है
  • परिवार में स्थायी सुख-शांति
  • माँ लक्ष्मी प्रतिदिन घर में प्रवेश करती हैं
  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश
  • विवाह और संतान के लिए भी शुभ

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ℹ️ यह सामग्री केवल जानकारी के उद्देश्य से है; अनुसरण करने से पहले अर्थ और अनुष्ठान स्वतंत्र रूप से सत्यापित करें।