मुहूर्त 2026

गुरु तारा अस्त 2026

बृहस्पति अस्त — विवाह और शुभ कार्य वर्जित काल

गुरु तारा अस्त क्या है?

जब बृहस्पति सूर्य के बहुत निकट आ जाते हैं तो उनकी चमक (तारा) सूर्य की किरणों में छुप जाती है — इसे "गुरु अस्त" या "तारा अस्त" कहते हैं। इस काल में बृहस्पति की शुभ शक्ति कमजोर पड़ जाती है, इसलिए विवाह जैसे संस्कार वर्जित माने जाते हैं।

2026 अस्त काल (अनुमानित)

अवधिलगभग कितने समय
जनवरी–फरवरी 2026लगभग 4–5 सप्ताह
नवंबर–दिसंबर 2026लगभग 4 सप्ताह
सटीक अस्त और उदय तिथियां शहर-अनुसार भिन्न हो सकती हैं। विवाह और मुहूर्त के लिए अपने परिवार के पंडित या स्थानीय पंचांग से परामर्श अवश्य लें।

अस्त काल में वर्जित कार्य

  • विवाह संस्कार
  • सगाई और रोका समारोह
  • मुंडन और उपनयन
  • गृहप्रवेश (हाउसवार्मिंग)
  • नए व्यापार की शुरुआत

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