🌸 सीता नवमी 2026 — शनिवार का विशेष संयोग

25 अप्रैल 2026, शनिवार — शक्ति से शनि का शमन

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तिथि

25 अप्रैल 2026

🗓️

वार

शनिवार

🌟

तिथि

वैशाख शुक्ल नवमी

क्या शनिवार को सीता पूजा होती है?

शनिवार शनि देव का दिन है — कठोर, अनुशासित, न्यायी। लेकिन इस दिन सीता नवमी का संयोग एक विशेष संतुलन बनाता है। माता सीता — सहनशीलता, धैर्य और पवित्रता की देवी — शनि के कठोर गुणों को कोमलता से संतुलित करती हैं। परंपरा कहती है: "जहाँ सीता का स्मरण होता है, वहाँ शनि का क्रोध शांत होता है।" इस शनिवार, दोनों पूजाएं करें — प्रातः सीता पूजा और सायं शनि अर्पण।

पूर्ण पूजा विधि — 25 अप्रैल 2026

1

सीता पूजा

स्नान के बाद सफेद/पीले वस्त्र पहनें। माता सीता की मूर्ति या चित्र को फूल, तुलसी, दूध, मिष्ठान्न अर्पण करें।

🕐 प्रातः 6–8 AM

2

राम-सीता मंत्र जप

"श्री सीता रामाभ्यां नमः" 108 बार। रामायण का कोई एक सर्ग पढ़ें।

🕐 सुबह 8–9 AM

3

व्रत भोजन

फल, दूध, सिंघाड़ा — सात्विक भोजन। नमक का परहेज शनि को भी प्रसन्न करता है।

🕐 दोपहर 12 PM

4

शनि अर्पण

सरसों तेल दीपक, काले तिल, उड़द दान। "ॐ शं शनैश्चराय नमः" 21 बार।

🕐 सायं 5–6 PM

5

आरती

पहले सीता-राम आरती, फिर शनि आरती। दोनों देवताओं को प्रसाद चढ़ाएं।

🕐 संध्या 7 PM

सीता मंत्र — शनि शमन के लिए

ॐ जानकीवल्लभाय नमः।
श्री सीता रामाभ्यां नमः॥

जनकसुते जगन्मात सीते,
परमप्रकृति परमानंदे।
शान्तिं यच्छ जगतीं,
शनेश्च कोपं निवारय॥

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