🪐 शनि जयंती 2026 — 16 मई महाशनिवार

⭐ ट्रिपल शनिवार योग — दशक में एक बार

🪐
शनि जयंती
🌑
शनि अमावस्या
🌳
वट सावित्री

16 मई 2026 — शनिवार

⏰ अभी का चौघड़िया(रात)

शुभशुभ मुहूर्त

अगला: अमृत — 86 मि 0 से में

✅ अभी सरसों तेल अभिषेक का उत्तम समय है।

5-चरण शनि जयंती विधि

1

स्नान और काले वस्त्र

ब्रह्म मुहूर्त (4–6 AM)

तिल मिले जल से स्नान करें। काले या नीले वस्त्र पहनें। "ॐ शं शनैश्चराय नमः" 11 बार।

2

हनुमान पूजा (अनुमति लें)

प्रातः 6–8 AM

शनि पूजा से पहले हनुमान जी की आज्ञा लें। "श्री हनुमान चालीसा" 1 बार। सिंदूर + घी अर्पण। यह "Step 1" है — बिना इसके शनि पूजा अधूरी।

3

शनि अभिषेक

प्रातः 8–10 AM

शनि शिला पर सरसों तेल धारा — "ॐ शं शनैश्चराय नमः" 108 बार। काले तिल + काला कपड़ा + लोहे की वस्तु चढ़ाएं।

4

वट सावित्री पूजा

प्रातः 10–12 PM

वट वृक्ष की 108 परिक्रमा — 16 मई वट सावित्री + शनि अमावस्या का अद्भुत संयोग। सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष फल।

5

पितृ तर्पण (Amavasya)

दोपहर 12–1 PM

शनि अमावस्या पर काले तिल + जल से पितृ तर्पण। 3 बार "ॐ पितृ देवाय नमः" — पितृ ऋण मुक्ति।

शनि गायत्री मंत्र

ॐ शनैश्चराय विद्महे
छायापुत्राय धीमहि
तन्नो मन्दः प्रचोदयात्॥

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