🔱 रवि प्रदोष व्रत 2026 — शिव और सूर्य का दुर्लभ मिलन
जब त्रयोदशी तिथि रविवार को पड़े, तो प्रदोष "रवि प्रदोष" बनता है — शिव की संध्या और सूर्य के दिन का दुर्लभ मिलन। यह वर्ष में कभी-कभी ही आता है।
📅 2026 रवि प्रदोष तिथियां
🌟 रवि प्रदोष का महत्व
✅ रवि प्रदोष उपाय चेकलिस्ट
☑ रवि प्रदोष उपाय
0/5- रवि प्रदोष के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास रखेंप्रदोष काल (सूर्यास्त से 45 मिनट पहले से 45 मिनट बाद)
- प्रदोष काल में शिवलिंग पर दूध, दही, शहद और बेलपत्र चढ़ाएं
- ॐ नमः शिवाय और ॐ सूर्याय नमः — दोनों मंत्र एक साथ जपें
- तांबे के पात्र में जल से सुबह अर्घ्य दें, संध्या में शिव को जल अर्पित करें
- घी का दीपक जलाकर शिव और सूर्य दोनों की आरती करें