शुक्रवार व्रत • आयुर्वेदिक आहार

शुक्रवार व्रत — सफेद आहार के लाभ

शुक्र ग्रह (Venus) की प्रकृति "शीतल, मधुर और स्निग्ध" है — आयुर्वेद के अनुसार। जब शुक्रवार को ऐसे खाद्य पदार्थ लिए जाते हैं जो प्रकृति में शीतल और सफेद हों, तो वे शुक्र की ऊर्जा को संतुलित करते हैं।

आयुर्वेदिक कारण

शीतल गुण

दूध, दही और चीनी शरीर को ठंडा रखते हैं — शुक्र की "शीत" प्रकृति को संतुलित करते हैं।

चंद्र-शुक्र संबंध

शुक्रवार पर चंद्र ऊर्जा भी सक्रिय होती है। सफेद खाद्य चंद्र को मजबूत करते हैं।

पित्त शमन

व्रत के दिन उपवास से पित्त बढ़ सकता है। दूध और शक्कर पित्त शमन करते हैं।

सात्विकता

सफेद सात्विक भोजन मन को शांत करता है — आध्यात्मिक एकाग्रता बढ़ाता है।

अनुमत भोजन

भोजनश्रेणीलाभ
दूध और दहीडेयरीशुक्र को शीतल करता है, शरीर को पोषण
चीनी / मिश्रीमिठासमधुर रस — शुक्र का प्रिय
साबूदानाअनाजहल्का, पचाने में सरल
सफेद चावल (उबले)अनाजसात्विक, चंद्र-अनुकूल
आलूसब्जीव्रत में ऊर्जा स्रोत
नारियलफलशुक्र का फल — अत्यंत शुभ
केला, अंगूर (सफेद)फलमीठे फल — शुक्र-प्रिय
सेंधा नमकमसालाव्रत-अनुमत, शरीर के लिए लाभकारी

वर्जित भोजन

मांस और अंडे
लहसुन और प्याज
काला नमक (कुछ व्रतों में)
चाय और कॉफी (अधिक मात्रा में)
तले हुए भारी पदार्थ
खट्टे और तीखे पदार्थ

दिन भर का आहार क्रम

प्रातःदूध + मिश्री या फल
दोपहरसाबूदाना खिचड़ी / आलू
सायंदही + सफेद चावल (उद्यापन के बाद)
रातदूध + केसर — गहरी नींद के लिए
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