🪙 अक्षय तृतीया के बाद शनि पूजा — निवेश स्थिरता
अक्षय तृतीया (14 अप्रैल 2026) पर खरीदे सोने/संपत्ति/व्यवसाय को शनि की कृपा से स्थायी बनाएं।
🔗 क्यों जरूरी है शनि पूजा?
| शनि देते हैं | अक्षय तृतीया को चाहिए |
|---|---|
| स्थायित्व और धैर्य | नए निवेश की स्थिरता चाहिए |
| कर्म संतुलन | अक्षय तृतीया पर शुरू कर्म को स्थायी बनाना |
| दीर्घकालिक रक्षा | सोना/जमीन/व्यवसाय — शनि रक्षा देते हैं |
| बाधा निवारण | नए काम में आने वाली देरी/रुकावट हटाना |
📅 2026 पूजा मुहूर्त तालिका
| तारीख | नक्षत्र | समय | गुण |
|---|---|---|---|
| 26 अप्रैल 2026 | रोहिणी | सूर्योदय–9 AM | उत्तम |
| 2 मई 2026 | पुनर्वसु | सूर्योदय–10 AM | सर्वोत्तम |
| 9 मई 2026 | मघा | सूर्योदय–9 AM | अच्छा |
| 16 मई 2026 | शनि जयंती | सूर्योदय–12 PM | दुर्लभ |
📋 5-चरण पूजा विधि
संकल्प
"मैं अक्षय तृतीया पर शुरू किए कार्य को शनि की कृपा से स्थायी करता/करती हूँ।" — 3 बार।
शनि पंचामृत
सरसों तेल + काले तिल + दूध + शहद + जल — शनि शिला पर अर्पण।
108 मंत्र जप
"ॐ शं शनैश्चराय नमः" — काले तिल हाथ में लेकर 108 बार।
निवेश का नाम बोलें
जो खरीदा/शुरू किया (सोना/जमीन/व्यवसाय) — उसका नाम शनि को बताएं।
काला तिल + काला वस्त्र दान
किसी जरूरतमंद को काले तिल और काला कपड़ा दान — शनि प्रसन्न।
☑ पूजा सामग्री सूची
0/6- सरसों का तेल100 मिली
- काले तिल50 ग्राम
- काला कपड़ादान के लिए
- लोहे की वस्तुअर्पण
- उड़द दालदान
- मिट्टी का दीपकसरसों तेल से