संतोषी माता
संतोषी माता की आरती
संतोषी माता की यह आरती शुक्रवार व्रत में लाखों भक्तों द्वारा गृह शांति और मनोकामना पूर्ति के लिए की जाती है।
इस आरती के बारे में
संतोषी माता की आरती शुक्रवार व्रत का प्रमुख अंग है जो संतोष, समृद्धि और पारिवारिक शांति की देवी को समर्पित है।
पाठ का समय
शुक्रवार, विशेषकर संतोषी माता व्रत और नवरात्रि के दौरान
Hindi Lyrics (मूल पाठ)
जय संतोषी माता, जय संतोषी माता। अपने सेवक जन की, सुख सम्पत दाता॥ जय संतोषी माता॥ सोने का सिंहासन, चाँदी का छत्र विराजे। देख सुवर्ण रूपा, मन में हर्ष उमड़ आवे॥ जय संतोषी माता॥ सेवक की पुकारे, सेवक की पुकार। सुनकर माता आई, कृपा करो अपार॥ जय संतोषी माता॥ भोग लगाओ माता, खिचड़ी चना गुड़ लावें। शुक्रवार करके व्रत माँ, भक्त तेरे जो गावें॥ जय संतोषी माता॥
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