माँ पार्वती
Parvati
प्रेम, उर्वरता और भक्ति की देवी
परिचय
पार्वती जी भक्ति, पारिवारिक सौहार्द और परिवर्तनकारी शक्ति की देवी हैं। वे कोमल माता और उग्र रक्षक दोनों हैं — दुर्गा और काली के रूप में धर्म की रक्षा करती हैं। शिव की अर्धांगिनी के रूप में वे शिव-शक्ति के दिव्य संतुलन को पूर्ण करती हैं।
संक्षिप्त जानकारी
प्रतीक एवं चिह्न
- कमल या त्रिशूल धारण किए सौम्य, सुंदर रूप
- हरी या लाल साड़ी — उर्वरता और शुभता का प्रतीक
- प्रायः शिव के साथ गणेश और कार्तिकेय सहित चित्रित
- दो या चार भुजाएँ, कभी माला और दर्पण सहित
महत्व
भक्ति, प्रेम और पारिवारिक सौहार्द की देवी; संकट में दुर्गा और काली के रूप में रक्षण करती हैं।
उपासना विधि
प्रार्थना करें, व्रत रखें और शक्ति, सामंजस्य और रक्षा के लिए पार्वती/दुर्गा स्तोत्र का पाठ करें।
प्रार्थनाएँ और मंत्र
प्रसिद्ध मंदिर
त्योहार
तीज
महिलाएँ व्रत रखती हैं और पार्वती-शिव मिलन का उत्सव मनाती हैं।
गौरी तृतीया
वैवाहिक सुख और पारिवारिक आशीर्वाद के लिए गौरी रूप में पार्वती की पूजा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q: पार्वती, दुर्गा और काली में क्या संबंध है?
पार्वती देवी माँ का सौम्य रूप हैं। जब वे उग्र रक्षात्मक शक्ति प्रकट करती हैं तो दुर्गा बनती हैं। काली सबसे उग्र रूप है — अहंकार और बुराई की संहारक।