जय विट्ठल जय विट्ठल
जय विट्ठल पंढरपुर के भगवान विट्ठल की आरती है जो वारकरी संत परंपरा का प्राण है और आषाढ़ी एकादशी पर लाखों भक्त पैदल यात्रा करते हैं।
आषाढ़ी एकादशी, कार्तिकी एकादशी, वारी यात्रा, पंढरपुर मंदिर में प्रतिदिन की पूजा
Hindi Lyrics (मूल पाठ)
जय विट्ठल जय विट्ठल, विट्ठल जय जय। पंढरपुर के राजा, पांडुरंग राय॥ जय विट्ठल जय विट्ठल॥ पुंडलीक के भक्ति में, आए पांडुरंग। कमर पर दोनों हाथ, खड़े विट्ठल रंग॥ जय विट्ठल जय विट्ठल॥ रखुमाई संग विराजत, इंद्रायणी तट पर। भीमा नदी के किनारे, दरशन मिले ठाकुर॥ जय विट्ठल जय विट्ठल॥ वारकरी भक्त आते, पैदल यात्रा करते। आषाढ़ कार्तिक मास में, सब वारी ले आते॥ जय विट्ठल जय विट्ठल॥ ज्ञानेश्वर तुकाराम, नामदेव भक्त तेरे। संत एकनाथ भजन से, हुए नयन सवेरे॥ जय विट्ठल जय विट्ठल॥
📖 अर्थ / भावार्थ
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