शुक्रवार व्रत

संतोषी माता व्रत विधि

16 शुक्रवार व्रत — सुख, शांति और मनोकामना पूर्ति

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खट्टा (Sour) — सख्त वर्जित!

व्रत के दौरान व्रती और परिवार के सभी सदस्यों के लिए खट्टा खाना पूर्णतः वर्जित है। किसी एक के खाने से व्रत का फल नष्ट हो सकता है।

नींबू और नींबू के पदार्थ
इमली और इमली से बनी चीज़ें
दही और छाछ
अचार
कच्चे आम
सिरका
टमाटर (अत्यधिक खट्टे)
कटहल का अचार

16 शुक्रवार व्रत नियम

  • लगातार 16 शुक्रवार व्रत रखें
  • व्रत के दिन एक बार ही भोजन करें (सूर्यास्त के बाद)
  • भोजन में केवल मीठी वस्तुएं — गुड़-चना, खीर, हलवा
  • परिवार में कोई भी खट्टा न खाए
  • 16 व्रत पूरे होने पर उद्यापन करें
  • उद्यापन में 5 बच्चों को खीर खिलाएं

पूजा सामग्री सूची

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  • गुड़ — 100 ग्राम
    प्रसाद और भोग के लिए
  • चना — 100 ग्राम (भुना)
    प्रसाद के लिए अनिवार्य
  • फूल — लाल और गुलाबी
    संतोषी माँ को प्रिय
  • लाल वस्त्र या लाल चुनरी
    संतोषी माँ को अर्पण
  • धूप, दीपक और अगरबत्ती
    पूजा सामग्री
  • संतोषी माँ की फोटो या मूर्ति
    पूजन के लिए

व्रत विधि — क्रमशः

1शुक्रवार को प्रातः स्नान करके लाल वस्त्र पहनें
2संतोषी माँ की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
3धूप, दीप और लाल/गुलाबी फूल अर्पित करें
4संतोषी माँ की आरती करें
5व्रत कथा का पाठ करें
6गुड़ और चने का प्रसाद तैयार करें और भोग लगाएं
7शाम को पुनः आरती करें
8परिवार में प्रसाद बांटें — खट्टी चीज़ें स्पर्श न करें
संतोषी माता व्रत विधि — 16 शुक्रवार व्रत और खट्टा वर्जित नियम | वेदकोश | VedKosh