⭐ शुभ योग — सिद्धि, अमृत और पुष्य योग
⚡ त्वरित तथ्य
- सर्वोत्तम योग: अमृत सिद्धि योग
- निर्माण: शुभ तिथि + पुष्य/रोहिणी नक्षत्र
- आवृत्ति: वर्ष में ~12 बार
- खरीदारी का सर्वश्रेष्ठ: रवि पुष्य या गुरु पुष्य
📖 प्रमुख शुभ योग
अमृत सिद्धि योग
वर्ष में ~12 बारनिर्माण: रविवार + रोहिणी/हस्त/पुष्य नक्षत्र
सर्वोत्तम कार्यों के लिए। इस दिन किया कोई भी शुभ कार्य — विशेषतः खरीद-फरोख्त — अमृत जैसा फल देता है।
सर्वार्थ सिद्धि योग
मासिक — कई दिननिर्माण: शुभ वार + शुभ नक्षत्र संयोग
सभी इच्छाओं की पूर्ति का योग। इस योग में व्यापार, विवाह, यात्रा, गृह प्रवेश सभी शुभ होते हैं।
रवि पुष्य योग
वर्ष में 1-2 बारनिर्माण: रविवार + पुष्य नक्षत्र
सोना, वाहन, संपत्ति और इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ। व्यापार प्रारंभ के लिए विशेष।
गुरु पुष्य योग
वर्ष में ~4-5 बारनिर्माण: बृहस्पतिवार + पुष्य नक्षत्र
ज्ञान, शिक्षा, आध्यात्मिक साधना और धन संबंधी कार्यों के लिए विशेष शुभ। गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
सिद्धि योग
पंचांग अनुसार भिन्ननिर्माण: 27 योगों में से एक — नित्य पंचांग में उपलब्ध
इस योग में प्रारंभ किए कार्य सिद्ध (सफल) होते हैं। विशेषतः मांगलिक कार्यों और शिक्षा के लिए।