व्रत कैलेंडर 2026
शुक्र प्रदोष व्रत 2026
शुक्रवार + त्रयोदशी = शिव-शक्ति दिन — वैभव और प्रेम का सर्वोत्तम संयोग
शिव-शक्ति दिन
जब प्रदोष व्रत शुक्रवार को पड़ता है, तो शिव (त्याग) और शुक्र (वैभव) का अद्भुत मिलन होता है। इस दिन शिव और लक्ष्मी की एक साथ उपासना से भौतिक और आध्यात्मिक दोनों सिद्धियां मिलती हैं।
प्रदोष काल: सूर्यास्त से 1.5 घंटे पहले से सूर्यास्त के 1.5 घंटे बाद तक
2026 शुक्र प्रदोष कैलेंडर
16 जनवरी 2026 (शुक्रवार)
कृष्ण त्रयोदशी
शाम 5:30 — 8:00 बजे
नए वर्ष का प्रथम शुक्र प्रदोष
30 जनवरी 2026 (शुक्रवार)
शुक्ल त्रयोदशी
शाम 6:00 — 8:30 बजे
माघ माह — शिव-शुक्र संयोग
13 मार्च 2026 (शुक्रवार)
कृष्ण त्रयोदशी
शाम 6:15 — 8:45 बजे
फाल्गुन — वसंत विशेष
24 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
शुक्ल त्रयोदशी
शाम 6:30 — 8:45 बजे
अक्षय तृतीया के बाद — समृद्धि लॉक-इन
10 जुलाई 2026 (शुक्रवार)
कृष्ण त्रयोदशी
शाम 7:00 — 9:00 बजे
सावन निकट — महाफलदायक
21 अगस्त 2026 (शुक्रवार)
शुक्ल त्रयोदशी
शाम 6:45 — 9:00 बजे
वरलक्ष्मी व्रतम् सप्ताह — दुर्लभ संयोग
4 सितंबर 2026 (शुक्रवार)
कृष्ण त्रयोदशी
शाम 6:30 — 8:45 बजे
पितृपक्ष निकट — पितर-शुक्र संयोग
18 सितंबर 2026 (शुक्रवार)
शुक्ल त्रयोदशी
शाम 6:15 — 8:30 बजे
नवरात्रि पूर्व — शक्ति-शुक्र
20 नवंबर 2026 (शुक्रवार)
कृष्ण त्रयोदशी
शाम 5:30 — 7:45 बजे
कार्तिक — दीपावली पश्चात
4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार)
शुक्ल त्रयोदशी
शाम 5:15 — 7:30 बजे
वर्ष का अंतिम शुक्र प्रदोष
शुक्र प्रदोष के विशेष लाभ
- ✦शिव और शुक्र दोनों एक साथ प्रसन्न होते हैं
- ✦वैभव, विलासिता और स्वास्थ्य एक साथ मिलते हैं
- ✦विवाह और प्रेम के लिए सर्वोत्तम प्रदोष
- ✦व्यापार में उन्नति और ऋण मुक्ति
- ✦नकारात्मक शुक्र दोष का निवारण