🪙 अक्षय तृतीया 2026 — मुहूर्त और पूजा विधि
⚡ त्वरित तथ्य
- तिथि: 29 अप्रैल 2026 (बुधवार)
- तिथि: वैशाख शुक्ल तृतीया
- सोना खरीदने का मुहूर्त: प्रातः 5:47 से शाम 7:22 तक
- विशेषता: स्वयंसिद्ध मुहूर्त — कोई अलग मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं
- शुरू करने योग्य: व्यापार, निवेश, गृह प्रवेश, विवाह
📖 अक्षय तृतीया का महत्व
"अक्षय" का अर्थ है जो कभी क्षीण न हो — जिसका नाश न हो। वैशाख माह की शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया कहते हैं। यह हिंदू धर्म के साढ़े तीन शुभ मुहूर्तों में से एक है (अन्य हैं: दशहरा, गुड़ी पड़वा, और दीपावली का आधा मुहूर्त)। इस दिन किए कार्य, दान, पूजा और निवेश कभी समाप्त नहीं होते — अक्षय रहते हैं।
पुराणों के अनुसार, इसी दिन त्रेता युग का प्रारंभ हुआ था, माँ गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुईं, और भगवान परशुराम जी का जन्म हुआ था। यह महर्षि वेद व्यास का जन्मदिन भी है।
✨ इस दिन क्या करें
सोना, चांदी या आभूषण खरीदें — समृद्धि के लिए
गृह प्रवेश या नई संपत्ति में निवेश करें
नया व्यापार या उद्यम प्रारंभ करें
शिक्षा में प्रवेश लें या नई विद्या आरंभ करें
माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें
पवित्र नदी में स्नान करें — विशेषतः गंगा
गरीबों को अन्न और जल का दान करें
🪔 अक्षय तृतीया लक्ष्मी पूजा विधि
- प्रातः सूर्योदय से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें
- पीले आसन पर माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें
- पीले फूल, हल्दी, कुमकुम, धूप और दीप अर्पित करें
- "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" का 108 बार जाप करें
- श्री सूक्त या लक्ष्मी अष्टकम का पाठ करें
- खरीदे गए सोने को देवी के चरणों में स्पर्श कराएं और आशीर्वाद लें