काल भैरव / भैरव बाबा
जय भैरव बाबा
काल भैरव की शक्तिशाली आरती जो काशी के कोतवाल और भगवान शिव के उग्र स्वरूप को समर्पित है।
इस आरती के बारे में
भैरव बाबा की आरती काशी के कोतवाल काल भैरव को समर्पित है जो शिव के उग्र रूप हैं और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करते हैं।
पाठ का समय
भैरव अष्टमी (मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी), मंगलवार और रविवार की रात, काल भैरव मंदिर दर्शन
Hindi Lyrics (मूल पाठ)
जय भैरव बाबा, ओ जय भैरव बाबा। तुम्हीं हो शिव के गण, काशी के राजा॥ जय भैरव बाबा॥ काला वर्ण तुम्हारा, गले में मुण्डमाला। कुत्ते वाहन सवारी, त्रिशूल हाथ वाला॥ जय भैरव बाबा॥ काशी के कोतवाल हो, अष्ट भैरव धाम। बटुक भैरव नाम से, पूजत हैं सब धाम॥ जय भैरव बाबा॥ रात के देवता तुम हो, तांत्रिक पथ के स्वामी। क्षेत्रपाल की सत्ता है, सबके अंतर्यामी॥ जय भैरव बाबा॥ भैरव अष्टमी के दिन, तुम्हारी पूजा होती। उड़द की दाल नैवेद्य से, मनोकामना पूरी होती॥ जय भैरव बाबा॥