मंगलवार व्रत — उपवास नियम, पूजा विधि और कथा

मंगलवार व्रत हनुमान जी को समर्पित है। यह व्रत शक्ति, साहस, शत्रुओं से रक्षा और मंगल ग्रह के दोषों के निवारण के लिए किया जाता है। 21 मंगलवार का व्रत सबसे प्रभावशाली माना जाता है।

🍽️ उपवास में क्या खा सकते हैं?

🍌फल (केला, सेब, अनार, आम)
🥛दूध, दही, छाछ, पनीर
🌰सिंघाड़े का आटा, साबूदाना
🍠आलू, शकरकंद (बिना नमक)
🟥लाल रंग के खाद्य पदार्थ — गुड़, लाल फल
🥜मेवे और फलाहार — मूंगफली, काजू

🚫 इनसे परहेज करें:

🪔 8-चरण पूजा विधि

1प्रातः स्नान कर स्वच्छ लाल वस्त्र पहनें।
2संकल्प लें — हनुमान जी के सामने हाथ जोड़कर व्रत का उद्देश्य बोलें।
3घी का दीपक जलाएँ। अगरबत्ती की धूप दें।
4लाल सिंदूर और लाल पुष्प (गुलाब / गेंदा) अर्पित करें।
5बेसन के लड्डू या गुड़-चना का भोग लगाएँ।
6हनुमान चालीसा पाठ करें (या सुंदरकांड पाठ, यदि समय हो)।
7मंगलवार व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
8हनुमान जी की आरती कर प्रसाद वितरित करें। संध्याकाल में फलाहार से व्रत तोड़ें।

📖 मंगलवार व्रत कथा

प्राचीन काल में एक ब्राह्मण परिवार था जो अत्यंत दरिद्र था। परिवार की स्त्री नित्य मंगलवार को हनुमान जी का व्रत करती थी। एक दिन उसके पड़ोसिन ने उसका उपहास किया और कहा कि इस व्रत से क्या मिलेगा।

उसी रात हनुमान जी ने स्वयं उस स्त्री के स्वप्न में आकर कहा — "तुम्हारी भक्ति देखकर मुझे प्रसन्नता हुई। तुम्हारे घर में कल से सुख और समृद्धि आएगी।" अगले दिन उस परिवार को अचानक एक खजाना मिला और उनकी सारी विपदाएँ दूर हो गईं।

व्रत की महिमा सुनकर पड़ोसिन को पछतावा हुआ और उसने भी व्रत का संकल्प लिया। तब से यह कथा प्रचलित है — जो इस कथा को श्रद्धापूर्वक सुनता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

☑️ मंगलवार पूजा सामग्री

मंगलवार पूजा सामग्री

0/7
  • लाल सिंदूर
    हनुमान जी को चोला
  • लाल फूल (गुलाब/गेंदा)
    21 फूल
  • बेसन के लड्डू
    5 या 11
  • गुड़ + चना
    भोग के लिए
  • घी का दीपक
    व्रत भर जलाएँ
  • अगरबत्ती / धूप
    चंपा या गुलाब
  • गंगाजल
    शुद्धिकरण के लिए

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