मंत्र

🔱 भगवान शिव के शक्तिशाली मंत्र

सोमवार को शिव मंत्रों का जाप करने से चंद्र बल बढ़ता है, मन शांत होता है और शिव-पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यहां शिव के चार प्रमुख मंत्र अर्थ और लाभ सहित दिए गए हैं।

🌙 सोमवार को शिव मंत्र क्यों जपें?

  • सोमवार = शिव और चंद्रमा दोनों का दिन
  • इस दिन जाप का फल 10 गुना अधिक होता है
  • सावन सोमवार पर 500 गुना फल (जुलाई–अगस्त 2026)
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1. ओम नमः शिवाय
जाप संख्या: 108
ॐ नमः शिवाय
Om Namah Shivaya
अर्थ: भगवान शिव को नमस्कार। पाँच अक्षर (न-मः-शि-वा-य) पंचतत्वों का प्रतीक हैं।
लाभ: मन को शांत करता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है, शिव का सर्वोच्च नाम
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2. महामृत्युंजय मंत्र
जाप संख्या: 108 या 1008
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
Om Tryambakam Yajamahe Sugandhim Pushtivardhanam | Urvarukamiva Bandhanat Mrityormukshiya Mamritat ||
अर्थ: हम त्रिनेत्र शिव की पूजा करते हैं जो सुगंधित हैं और पोषण के देवता हैं। जैसे ककड़ी अपने बंधन से मुक्त होती है, वैसे ही हमें मृत्यु से मुक्त करें।
लाभ: रोग, दुर्घटना, अकाल मृत्यु से रक्षा। शरीर में प्राण ऊर्जा बढ़ाता है।
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3. शिव पंचाक्षर मंत्र
जाप संख्या: 108
नमः शिवाभ्यां नव यौवनाभ्यां परस्पराश्लिष्टवपुर्धराभ्याम् । नगेन्द्रकन्याव्रतसेवनाभ्यां nमस्तुभ्यामद्भुतताण्डवाभ्याम् ॥
Namah Shivabhyam Nava Yauvanabhyam...
अर्थ: नव-यौवन रूपी शिव-पार्वती को नमस्कार, जो अद्भुत तांडव नृत्य करते हैं।
लाभ: पारिवारिक सुख, दांपत्य जीवन में प्रेम, शिव-पार्वती आशीर्वाद
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4. रुद्र गायत्री मंत्र
जाप संख्या: 108
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥
Om Tatpurushaya Vidmahe Mahadevaya Dhimahi | Tanno Rudrah Prachodayat ||
अर्थ: हम उस महापुरुष (शिव) को जानते हैं। महादेव का हम ध्यान करते हैं। रुद्र हमें प्रेरणा दें।
लाभ: बुद्धि शुद्ध होती है, साधना में उन्नति, शिव कृपा प्राप्त होती है

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