कन्या भोजन • शुक्रवार
शुक्रवार कन्या भोजन — लक्ष्मी पुण्य
शास्त्रों के अनुसार 1-12 वर्ष की कन्याएं माँ दुर्गा और माँ लक्ष्मी का मानव-स्वरूप हैं। शुक्रवार को इन कन्याओं को भोजन कराना "कन्या दान" और "लक्ष्मी पूजन" दोनों का फल देता है।
आयु वर्ग और आशीर्वाद
1-3 वर्ष
कुमारी
सुख, आरोग्य और जीवन में आनंद
4-6 वर्ष
त्रिमूर्ति
शांति, समृद्धि और परिवार में वृद्धि
7-9 वर्ष
कल्याणी
कल्याण, विद्या और सफलता
10-12 वर्ष
रोहिणी
धन-वृद्धि और लंबी आयु
क्या खिलाएं
खीर (दूध-चावल)
शुद्ध सात्विक — माँ लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय
पूरी और हलवा
परंपरागत — शक्ति और उत्साह का प्रतीक
पंचामृत
पवित्र पेय — कन्या को देवी-तुल्य मानने का संकेत
मीठे फल
केला, अंगूर, अनार — शुक्र के प्रिय फल
लड्डू या मोदक
गणेश-लक्ष्मी दोनों को प्रिय — शुभ
भोजन के समय मंत्र
ॐ देवि त्वं कन्यकारूपे लक्ष्मीरूपे नमोऽस्तु ते
Om Devi Tvam Kanyaka-rupe Lakshmi-rupe Namo'stu Te
3 बार — कन्याओं को भोजन परोसते समय
पुण्य-मापदंड
एक लक्ष्मी पूजन का फल
पंचोपचार लक्ष्मी पूजन का फल
नवदुर्गा पूजन का पूर्ण फल
एकादशी व्रत + लक्ष्मी पूजन — महापुण्य