अंबाजी माता मंदिर — शक्ति पीठ महिमा (गुजरात)
बनासकांठा, गुजरात — 51 शक्ति पीठों में से एक — दर्शन मार्गदर्शन, मंत्र एवं गुजराती भक्ति पद
देवता: अंबा माता (आदिशक्ति) | दर्शन: प्रातः 6:00 — रात्रि 9:00
Hindi Lyrics (मूल पाठ)
॥ अंबाजी माता मंदिर — शक्ति पीठ महिमा ॥ (51 शक्ति पीठों में से एक — बनासकांठा, उत्तर गुजरात) अंबाजी भारत के सर्वाधिक पूजित शक्ति पीठों में से एक है और गुजरात का सर्वाधिक शक्तिशाली देवी मंदिर है। बनासकांठा जिले के डांटा तालुका में, अरावली पर्वत की तलहटी में स्थित है। यह मंदिर उस स्थान को चिह्नित करता है जहाँ सती (देवी पार्वती) का हृदय गिरा था। नवरात्रि, पूर्णिमा रात्रियों, और भादर्वी पूनम पर लाखों भक्त अंबाजी आते हैं। भादर्वी पूनम (भाद्रपद माह की पूर्णिमा) — वर्ष का सबसे बड़ा वार्षिक यात्रा समागम है। ॥ इतिहास एवं महत्त्व ॥ अधिष्ठात्री देवी हैं अंबा माता (अंबाजी) — आदिशक्ति, जगदम्बा। गर्भगृह में कोई मूर्ति नहीं है — यंत्र (पवित्र आकृति) की पूजा होती है। अंबाजी यंत्र ही अंबा माता की दिव्य अभिव्यक्ति है। यह मंदिर अनूठा है क्योंकि: • मूर्ति की पूजा नहीं — केवल श्री यंत्र की पूजा होती है • देवी को केवल "अंबा" कहा जाता है — कोई अन्य नाम नहीं • गर्भगृह में दर्पण लगे हैं जो दिव्य ऊर्जा को बहुगुणित करते हैं ॥ भादर्वी पूनम — गुजरात की सबसे बड़ी यात्रा ॥ भाद्रपद माह की पूर्णिमा पर 20–30 लाख श्रद्धालु पैदल अंबाजी आते हैं। अनेक भक्त 50–500 कि.मी. की दूरी नंगे पाँव चलकर तय करते हैं। ॥ दर्शन समय ॥ मंदिर समय: प्रातः 6:00 से रात्रि 9:00 बजे तक (त्योहारों पर विस्तारित) नवरात्रि: रात्रि भर खुला रहता है ॥ अंबाजी माता मंत्र ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे (बीज मंत्र) ॐ दुर्गायै नमः (नवदुर्गा मंत्र) ॥ कैसे पहुँचें ॥ वायु मार्ग: अहमदाबाद (185 कि.मी.) या उदयपुर (185 कि.मी.) रेल मार्ग: आबू रोड स्टेशन (20 कि.मी.) या पालनपुर (70 कि.मी.) सड़क मार्ग: अहमदाबाद से 185 कि.मी., माउंट आबू से 25 कि.मी. ॥ जय अंबे माता ॥
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