विष्णु स्तोत्र
विष्णु सहस्रनाम — दैनिक पाठ विधि
सुरक्षा और उन्नति के लिए 1000 नामों का दैनिक स्मरण
पाठ से पूर्व — श्लोक
ॐ शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्। प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये॥ ॐ विष्णवे नमः। ॐ विष्णवे नमः। ॐ विष्णवे नमः।
फलश्रुति — पाठ फल श्लोक
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय यस्य स्मरणमात्रेण जन्मसंसारबन्धनात्। विमुच्यते नमस्तस्मै विष्णवे प्रभविष्णवे॥
पाठ के बाद — समर्पण श्लोक
कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा बुद्ध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात्। करोमि यद्यत् सकलं परस्मै नारायणायेति समर्पयामि॥
पाठ की पूर्ण विधि
सर्वोत्तम समय
प्रातःकाल 5:00–7:00 बजे, स्नान के बाद। या गुरुवार की शाम संध्याकाल में।
स्थान
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। पूजा स्थान में विष्णु प्रतिमा या चित्र के सामने।
वस्त्र
पीले या श्वेत वस्त्र। भूमि पर आसन बिछाकर बैठें।
पूर्व पूजा
पहले उपरोक्त पूर्व श्लोक पढ़ें। धूप और दीप जलाएं।
मुख्य पाठ
1000 नाम का पाठ — लगभग 30-45 मिनट। ध्यान केंद्रित रखें।
समर्पण
पाठ के बाद उत्तर श्लोक से सब कुछ नारायण को समर्पित करें।