शक्ति + मंगल — मंगलवार स्तोत्र

मंगलचंडिका स्तोत्र

माँ चंडिका और मंगल ग्रह दोनों की संयुक्त शक्ति — मंगलवार का सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा स्तोत्र

✨ यह स्तोत्र क्यों विशेष है?

अधिकांश मंगल स्तोत्र केवल ग्रह शांति के लिए हैं। मंगलचंडिका स्तोत्र में माँ दुर्गा (चंडिका) और मंगल ग्रह दोनों की शक्ति एक साथ आती है। इससे सुरक्षा और ग्रह शांति — दोनों एक ही पाठ में मिलती है। यह मंगलिक स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान रूप से प्रभावी है।

संपूर्ण स्तोत्र

॥ मंगलचंडिका स्तोत्रम् ॥

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।
मंगलचंडे महाचंडे चंडमंगलरूपिणि ।
मंगलं कुरु मे देवि मंगलाय नमोऽस्तु ते ॥ १ ॥

मंगलाधिपदेवेशि मंगलानां प्रदायिनि ।
मंगलार्थे च जाताया मंगलाय नमोऽस्तु ते ॥ २ ॥

रक्तवर्णे महादेवि रक्तवस्त्रविभूषिते ।
रक्तपुष्पप्रिये देवि मंगले मंगलप्रदे ॥ ३ ॥

अंगारके महाभागे लोहितांगे प्रसीद मे ।
मेषारूढ़े महाशक्ते मंगलाय नमोऽस्तु ते ॥ ४ ॥

सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यंबके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥ ५ ॥

मंगलचंडिकास्तोत्रं यः पठेत् मंगलेऽहनि ।
सर्वमंगलमाप्नोति मंगलं च लभेत् सदा ॥ ६ ॥

इति मंगलचंडिका स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ।

श्लोक अर्थ

श्लोक 1

मंगलचंडिके, महाचंडिके! चंड और मंगल दोनों की रूपिणि देवी — मेरे सभी कार्यों को मंगलमय करो।

श्लोक 2

मंगल की अधीश्वरी, मंगल दाने वाली देवी — मंगल की प्राप्ति के लिए उत्पन्न हुई माँ, तुम्हें नमन।

श्लोक 3

लाल वर्ण की, लाल वस्त्र से सजी, लाल पुष्प प्रिय देवी — हे मंगले, मंगल प्रदान करो।

श्लोक 4

अंगारक (मंगल ग्रह) की महाशक्ति, लाल अंगों वाली, मेष पर आरूढ़ — मुझ पर प्रसन्न हो।

श्लोक 5

सभी मंगलों की मंगलकारी शिव स्वरूपा, सभी अर्थों की सिद्धिदात्री नारायणी — तुम्हें नमन।

श्लोक 6

जो कोई मंगलवार को यह स्तोत्र पढ़ता है, उसे सभी मंगल प्राप्त होते हैं और सदा मंगल ही मिलता है।

🌟 पाठ के लाभ

🛡️

सुरक्षा

मंगलवार को शत्रु, बुरी नजर और दुर्घटना से सुरक्षा।

♂️

मंगल दोष

21 मंगलवार लगातार पाठ से मंगल दोष का प्रभाव कम होता है।

💪

शक्ति और साहस

माँ चंडिका का आशीर्वाद — असाधारण शक्ति और मानसिक बल।

👰

विवाह में बाधा

मंगलिक दोष से विवाह में विलंब हो रहा हो तो यह पाठ करें।

⚖️

न्याय

कानूनी मामलों और विवादों में माँ चंडिका का न्याय मिलता है।

🌟

सर्वमंगल

जीवन के सभी क्षेत्रों में मंगल (शुभ) की प्राप्ति।

📋 साधना विवरण

दिन:मंगलवार
आवृत्ति:11 बार
अवधि:21 मंगलवार
वस्त्र:लाल
पुष्प:लाल गुलाब (21)
दीपक:घी/तांबा
मंगलचंडिका स्तोत्र — मंगलवार सुरक्षा और शक्ति पाठ | वेदकोश | VedKosh