मंगलवार भोजन अनुशासन

मंगलवार को मांसाहार क्यों नहीं खाते?

हनुमान भक्ति, मंगल ऊर्जा और सात्विक भोजन का संबंध

मंगलवार को मांसाहार न करने का मूल भाव भय नहीं, बल्कि संयम है। कई परिवारों में इस दिन हनुमान जी की पूजा, व्रत या मंगल शांति की जाती है, इसलिए भोजन को हल्का, सात्विक और शुद्ध रखा जाता है।

मुख्य कारण

मंगलवार को हनुमान जी, मंगल ग्रह और कई स्थानों पर काली/भैरव उपासना की जाती है, इसलिए सात्विक भोजन रखा जाता है।
मांसाहार, शराब और अत्यधिक तीखा भोजन शरीर की उष्णता और उग्रता बढ़ाने वाला माना जाता है।
मंगल ग्रह स्वयं तेज, रक्त और आक्रामकता से जुड़ा है; इसलिए इस दिन भोजन में अतिरिक्त संतुलन सुझाया जाता है।
व्रत और संयम का अर्थ केवल उपवास नहीं, बल्कि भोजन की शुद्धि भी है।
सात्विक भोजन से मंत्र-जाप, पूजा और मानसिक स्थिरता में सहायता मिलती है।

क्या टालें, क्या अपनाएँ

टालें

मांस, मछली, अंडा

अपनाएँ

फल, दूध, दही, मखाना

टालें

शराब

अपनाएँ

जल, नींबू जल, दूध

टालें

बहुत तीखा भोजन

अपनाएँ

हल्का सात्विक भोजन

टालें

क्रोध में खाना

अपनाएँ

प्रसाद भावना से भोजन

यह भोजन-नियम मुख्यतः भक्तिपरक और सांस्कृतिक अनुशासन है। यदि किसी का आहार अलग है, तो सम्मानपूर्वक व्यक्तिगत परिस्थिति को प्राथमिकता दी जा सकती है। श्रद्धा में कठोरता से अधिक महत्वपूर्ण सजगता है।

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