मंगलवार पूजा — समापन गाइड
हनुमान पूजा सामग्री और आरती विधि
मंगलवार की हनुमान पूजा को विधिपूर्वक पूर्ण करें — सामग्री, भोग, आरती और समापन
हनुमान जी की आरती पढ़ने के लिए:
→ हनुमान जी की आरती — पूरा पाठ☑ मंगलवार हनुमान पूजा सामग्री
0/10- लाल सिंदूरचोला चढ़ाने के लिए
- चमेली का तेलदीपक और चोला
- लाल गुलाब / गेंदान्यूनतम 21 फूल
- बेसन के लड्डू5 या 11 — भोग के लिए
- गुड़ और चनाहनुमान जी को प्रिय
- केला1–2 प्रसाद के लिए
- कपूरआरती थाली में
- अगरबत्तीचंपा या गुलाब
- पंचमुखी दीपकघी का दीपक
- लाल कपड़ाआसन के लिए
⏰ मंगलवार पूजा का समय
🙏 संध्या पूजा समापन — 6 चरण
चोला अर्पण
सूर्यास्त से 30 मिनट पहलेशाम को सूर्यास्त से पहले हनुमान जी की प्रतिमा को लाल सिंदूर का चोला चढ़ाएँ। चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर पूरे शरीर पर लगाएँ।
भोग
आरती से पहलेबेसन के लड्डू (5 या 11), गुड़-चना और केला — थाली में रखकर प्रतिमा के सामने रखें और "हनुमंताय नमः" कहें।
आरती थाली तैयार
सूर्यास्त समयआरती थाली में — कपूर, 5 दीपक, फूल, चावल और चंदन। घड़ी की दिशा में आरती उठाएँ।
हनुमान जी की आरती
5–7 मिनटआरती "आरती कीजे हनुमान लला की" पूर्णतः पढ़ें। परिवार के सभी सदस्य साथ में खड़े हों।
प्रसाद वितरण
आरती के बादलड्डू और गुड़-चना प्रसाद के रूप में बाँटें। जो भोग लगाया था उसे सभी में वितरित करें।
मंत्र और समापन
10 मिनट"श्री हनुमते नमः" का 108 बार जाप करें। फिर "ॐ शांति शांति शांति" बोलकर पूजा समाप्त करें।
💡 विशेष टिप्स
- •चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाएँ — यह हनुमान जी की सबसे प्रिय सेवा है।
- •मंगलवार को हनुमान जी को गुड़-चना चढ़ाने के बाद स्वयं भी खाएँ — बल और बुद्धि बढ़ती है।
- •घर में पूजा करते समय उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में प्रतिमा स्थापित करें।
- •बच्चों को भी पूजा में शामिल करें — हनुमान जी बच्चों की रक्षा करते हैं।
- •आरती के बाद 108 बार "हनुमते नमः" जाप करें।