🌅 सूर्य अर्घ्य विधि — रविवार प्रातः

तांबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाने की सम्पूर्ण विधि।

6 चरण

1

सूर्योदय से 15 मिनट पहले

स्नान करके पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हों।

2

लोटा तैयार करें

तांबे के लोटे में जल + केसर + लाल फूल + चंदन मिलाएं।

3

दोनों हाथों से लोटा उठाएं

हाथ कंधे की ऊँचाई पर — लोटे से जल धारा निकले।

4

जल की धारा के बीच से सूर्य को देखें

पानी की धारा एक नेचुरल फिल्टर है — इससे आँखों को आराम मिलता है।

5

मंत्र बोलें

"ॐ घृणि सूर्याय नमः" — 3 या 7 बार।

6

जल भूमि पर गिराएं

पैरों के सामने — छींटे पड़ेंगे, पानी पैरों पर आएगा — शुभ माना जाता है।

सूर्य अर्घ्य मंत्र

ॐ घृणि सूर्याय नमः

Om Ghrani Suryaya Namah

🚫 क्या न करें

🚫

लोहे या प्लास्टिक के पात्र में जल न चढ़ाएं

केवल तांबा

🚫

सूर्योदय के 1 घंटे बाद अर्घ्य न दें

सूर्य की किरणें तीव्र होती हैं

🚫

सीधे सूर्य को न देखें बिना जल-धारा के

नेत्र क्षति हो सकती है

🚫

श्मशान घाट पर अर्घ्य न दें

केवल नदी, तालाब या घर में

सूर्य अर्घ्य सामग्री

0/6
  • तांबे का लोटा (copper pot)
    Only copper — no steel, no clay
  • केसर (saffron) — 4-5 धागे
    Saffron threads dissolved in water
  • लाल गुड़हल (red hibiscus)
    1-3 fresh flowers — not artificial
  • चंदन (sandalwood) — चुटकीभर
    Pinch of sandalwood powder
  • जल — स्वच्छ
    Clean water — not tap water from a plastic bottle
  • लाल कपड़ा (वैकल्पिक)
    Red cloth on ground while offering (optional)

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