🔱 सोलह सोमवार व्रत विधि 2026
सोलह सोमवार व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने का सर्वाधिक शक्तिशाली उपाय है। यह विशेष रूप से उन भक्तों के लिए है जो उत्तम जीवनसाथी, सुखी विवाह और पारिवारिक सौभाग्य की कामना रखते हैं।
⚡ त्वरित तथ्य
- कुल उपवास: 16 सोमवार (लगातार)
- आरंभ: पहला सावन सोमवार — 13 जुलाई 2026
- समाप्ति: 26 अक्टूबर 2026 (16वां सोमवार)
- देवता: भगवान शिव और माता पार्वती
- मुख्य उद्देश्य: विवाह, जीवनसाथी, सुख-समृद्धि
📅 सोलह सोमवार व्रत 2026 — सम्पूर्ण तिथि सूची
🪔 पूजा विधि (प्रत्येक सोमवार)
- सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त (4–6 AM) में स्नान करें
- सफेद या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें
- शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद, जल से अभिषेक करें
- बेलपत्र और सफेद पुष्प अर्पित करें
- 108 बार "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें
- सोलह सोमवार व्रत कथा का श्रवण करें
- दिन में एक बार फलाहार ग्रहण करें, नमक का त्याग
- सूर्यास्त के बाद व्रत खोलें — आरती करके प्रसाद ग्रहण करें
📋 व्रत के नियम
- व्रत के दिन झूठ न बोलें, क्रोध न करें
- तामसिक भोजन (मांस, प्याज, लहसुन) का त्याग
- ब्रह्मचर्य का पालन करें
- लगातार 16 सोमवार बिना व्रत तोड़े रखें
- 16वें व्रत पर उद्यापन (विसर्जन पूजा) करें
📖 सोलह सोमवार व्रत कथा (संक्षेप)
एक राजा और रानी थे जो शिव भक्त थे। उन्होंने सोलह सोमवार का व्रत रखा। उनकी पुत्री को भी भगवान शिव ने स्वप्न में यह व्रत रखने की आज्ञा दी। पुत्री ने सोलह सोमवार का व्रत किया और उसे एक आदर्श राजकुमार से विवाह का वरदान मिला। राजकुमार ने भी यह व्रत रखा और उन्हें सुखी दांपत्य जीवन प्राप्त हुआ। इस प्रकार शिव कृपा से मनोकामना पूर्ण होती है।
💑 व्रत पूरा हुआ? अब कुंडली मिलान करें
सोलह सोमवार व्रत के बाद भगवान शिव आपको उत्तम जीवनसाथी देते हैं। हमारे अष्ट कूट मिलान कैलकुलेटर से कुंडली गुण मिलान करें।
💑 गुण मिलान कैलकुलेटर खोलें →