शुक्रवार व्रत
शुक्रवार व्रत कथा
माँ लक्ष्मी की कृपा के लिए शुक्रवार व्रत
व्रत कथा (संक्षिप्त)
एक समय एक धनी सेठ था जो शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा करना भूल जाता था।
धीरे-धीरे उसके घर से सुख-समृद्धि विदा होने लगी — व्यापार में हानि और पारिवारिक कलह बढ़ी।
एक बुजुर्ग पड़ोसन ने उसे शुक्रवार व्रत और माँ लक्ष्मी की षोडशोपचार पूजा का महत्व बताया।
सेठ ने श्रद्धापूर्वक 16 शुक्रवार व्रत रखे, सफेद वस्त्र पहने और खीर का प्रसाद चढ़ाया।
माँ लक्ष्मी की कृपा से उसके घर में पुनः सुख, संपत्ति और परिवार में प्रेम लौट आया।
कथा का संदेश: नियमित शुक्रवार पूजा और सात्विक जीवन लक्ष्मी-कृपा का मार्ग है।