उग्र देव उपासना

मंगलवार काल भैरव पूजा

भय, शत्रु और उग्र बाधाओं के लिए

काल भैरव भगवान शिव का रक्षक और उग्र रूप हैं। मंगलवार की भैरव पूजा विशेषतः उन लोगों के लिए उपयोगी मानी जाती है जो भय, मुकदमे, शत्रु-दबाव, रात्रि-अशांति या उग्र ग्रह प्रभाव से जूझ रहे हों।

भैरव पूजा सामग्री

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  • सरसों तेल दीपक
    भैरव पूजा में सामान्य
  • काला तिल
    अर्पण और हवन हेतु
  • लाल या गहरे पुष्प
    जवाकुसुम या लाल फूल
  • गुड़ या मीठा भोग
    सादा भोग
  • कुत्ते के लिए रोटी/बिस्कुट
    भैरव वाहन सेवा
  • धूप
    गुग्गुल या लोबान

मुख्य लाभ

  • भय और असुरक्षा में कमी
  • शत्रु-बाधा से रक्षा
  • कानूनी और प्रशासनिक दबाव में साहस
  • रात्रि-भय और नकारात्मकता से सुरक्षा
  • उग्र मंगल और शनि के प्रभाव में मानसिक स्थिरता

सरल पूजा विधि

1

संध्या के समय सरसों तेल का दीपक जलाएँ।

2

काल भैरव के समक्ष काला तिल, धूप और पुष्प अर्पित करें।

3

ॐ कालभैरवाय नमः या भैरवाष्टक का पाठ करें।

4

भोग अर्पित कर शांति और निर्भयता की प्रार्थना करें।

5

पूजा के बाद कुत्ते को रोटी या बिस्कुट खिलाएँ।

सावधानी: उग्र देवताओं की पूजा में शुद्धता, संयम और स्पष्ट भाव अधिक महत्वपूर्ण हैं। यदि आप विस्तृत तांत्रिक साधना करना चाहते हैं, तो गुरु-मार्गदर्शन आवश्यक है।

मंगलवार काल भैरव पूजा — लाभ, विधि और नियम | वेदकोश | VedKosh