🧡 हनुमान सिंदूर चोला — शनिवार विधि
शनि के प्रकोप से बचाव का पहला और सबसे प्रभावशाली कदम
🛕 टू-स्टेप टेम्पल गाइड
Step 1
हनुमान मंदिर
अनुमति लें
Step 2
शनि मंदिर
न्याय प्राप्त करें
बिना हनुमान की अनुमति के शनि पूजा — अधूरी और कम फलदायी।
शनिवार हनुमान पूजा क्यों?
जब हनुमान जी ने रावण की कैद से शनि देव को मुक्त कराया, तब शनि देव ने वरदान दिया कि "जो मेरे दिन (शनिवार) हनुमान की पूजा करेगा, मैं उसे कभी पीड़ित नहीं करूँगा।"
सिंदूर चोला क्यों?
सीता माता को देखकर हनुमान जी ने पूछा था — "सिंदूर लगाने से राम की आयु बढ़ती है?" सुनकर उन्होंने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया। यही चोला परंपरा का मूल है।
6-चरण सिंदूर चोला विधि
सिंदूर + घी पेस्ट तैयार करें
ताज़ा सिंदूर + शुद्ध घी — मिलाकर एक पेस्ट बनाएं। इसे एक छोटी कटोरी में रखें।
चरणों से आरोही क्रम में लगाएं
हनुमान जी की मूर्ति के चरणों से शुरू करके ऊपर तक सिंदूर-घी पेस्ट धीरे-धीरे लगाएं। यही "चोला" है।
जनेऊ अर्पण
नई जनेऊ (यज्ञोपवीत) चढ़ाएं — यह हनुमान जी के ब्रह्मचारी स्वरूप का सम्मान है।
पुष्प माला
चमेली के फूलों की माला या गेंदे की माला। सफेद फूल विशेष रूप से मंगलदायक।
सरसों तेल दीपक
सरसों तेल का दीपक — शनि का प्रिय। पश्चिम दिशा में रखें। "ॐ शं शनैश्चराय नमः" 7 बार।
हनुमान चालीसा + आरती
हनुमान चालीसा 1 बार + "आरती कीजे हनुमान लला की"। अब Step 2 के लिए शनि मंदिर जाएं।
हनुमान मंत्र — शनि रक्षा के लिए
मंगल मूर्ति मारुति नंदन सकल अमंगल मूल निकंदन पवन तनय संतन हित कारी जय जय जय हनुमान उदारी॥