शुक्रवार व्रत • ईशान दीपम
शुक्रवार शाम दीपम — धन-लक्ष्मी
वास्तु शास्त्र में ईशान (उत्तर-पूर्व) दिशा देवताओं का क्षेत्र है — विशेषतः माँ लक्ष्मी और शिव-पार्वती का। शुक्रवार शाम इस कोण में दीपक जलाना "धन-यंत्र" के समान है।
दिशा और देवता
तेल का चयन
घी
धन वृद्धि और समृद्धि
घी की लौ सात्विक — माँ लक्ष्मी को प्रिय
तिल तेल
बाधा निवारण, शनि शांति
काला तिल तेल नकारात्मकता हटाता है
सरसों तेल
दुःख निवारण, शत्रु शांति
मंगल और शनि की शांति के लिए
नारियल तेल
स्वास्थ्य और शुक्र बल
शुक्र-प्रिय — वरलक्ष्मी के लिए श्रेष्ठ
समय-तालिका और मंत्र
सूर्यास्त (5:30-6:30 PM)
अत्युत्तमॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
माँ लक्ष्मी का प्रदोष काल — सर्वश्रेष्ठ
प्रदोष (6:30-8 PM)
उत्तमॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः
धन-प्राप्ति के लिए विशेष
रात्रि (9-10 PM)
मध्यमॐ कमले कमलालये प्रसीद
नकारात्मकता दूर करता है
मध्यरात्रि (12 AM)
विशेषॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्धलक्ष्म्यै नमः
तांत्रिक विशेष — केवल सात्विक साधकों के लिए