परशुराम काल19-26 अप्रैल 2026

🪓 परशुराम काल दान गाइड — अक्षय फल देने वाले 7 दिन

अक्षय तृतीया से परशुराम द्वादशी तक — हर दिन का विशेष दान। इस काल में दान का फल "अक्षय" होता है — कभी क्षीण नहीं होता।

📅 19-26 अप्रैल 2026 — परशुराम काल
वैदिक परंपरा में परशुराम जयंती (अक्षय तृतीया, 19 अप्रैल) से परशुराम द्वादशी (26 अप्रैल) तक का 7-8 दिन का काल "परशुराम काल" कहलाता है। इस काल में किया गया दान अक्षय (कभी न क्षीण होने वाला) फल देता है। परशुराम ने स्वयं पृथ्वी का दान किया था — इसलिए इस काल में भूमि, धन और अन्न का दान विशेष शुभ है।

📋 7-दिन दान कैलेंडर

19 अप्रैल (अक्षय तृतीया)
सोना / चांदी / तांबे के बर्तनब्राह्मण, मंदिरअक्षय धन-लाभ
20-24 अप्रैल (सप्ताह)
गेहूं, चावल, दालजरूरतमंद, अन्न क्षेत्रआजीविका स्थिरता
25 अप्रैल (एकादशी)
गाय का घी, तुलसीविष्णु मंदिररोग मुक्ति
26 अप्रैल (परशुराम द्वादशी)
शस्त्र / परशु का प्रतीक, लाल कपड़ापरशुराम मंदिर, ब्राह्मणशत्रु-विजय, न्याय

☀️ रविवार सूर्य दान — 4 मुख्य वस्तुएं

🌾
गेहूं
सूर्य का अन्न — रविवार को दान से यश और सफलता
🔶
तांबा
सूर्य की धातु — मंदिर को तांबे का पात्र दान
🍬
गुड़
सूर्य को मीठा प्रिय — गरीबों में गुड़ बांटें
🔴
लाल वस्त्र
सूर्य का रंग — रविवार को लाल कपड़ा दान

✅ दान विधि — 5 चरण

परशुराम काल दान चेकलिस्ट

0/5
  • दान से पहले सूर्य अर्घ्य दें — संकल्प के साथ
    "मैं यह दान सूर्य देव और परशुराम की प्रसन्नता के लिए करता/करती हूं"
  • सुबह 6-10 बजे के बीच दान करें — श्रेष्ठ समय
  • दान में मन की शुद्धता — बिना अहंकार के, बिना प्रचार के
  • गेहूं, तांबे का पात्र या लाल कपड़ा — सूर्य दान अवश्य दें
    परशुराम द्वादशी (26 अप्रैल) को दान का विशेष महत्व
  • दान के बाद सूर्य मंत्र जाप करें
    ॐ घृणि सूर्याय नमः — 21 बार
← सूर्य नाड़ी प्राणायामसूर्य वृषभ — धन प्रभाव →
परशुराम काल दान गाइड — अक्षय तृतीया के बाद क्या दान करें | वेदकोश | VedKosh